हम सभी अपनी लाइफ में बहुत उन्नति करना चाहते हैं और कहीं न कहीं हम सब इसके लिए स्ट्रगल भी कर रहे हैं। इस स्ट्रगल की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। कभी कभी लगता है की ये स्ट्रगल लाइफ लॉन्ग है और कभी कभी सब कुछ खत्म सा लगता है जैसे की जिंदगी मई कुछ प्रॉब्लम ही नहीं है। वैसे एक बात तो है अगर लाइफ मई कुछ भी स्ट्रगल नहीं हो तो वो लाइफ बड़ी नीरस हो जाएगी और शायद इसलिए भगवान् ने सभी को फुल ऑफ़ स्ट्रगल कर रखा है। ये बात इस क्वारेंटीने पीरियड में सभी को अच्छे से समझ आयी होगी कुछ खास लोगो को छोड़कर जो की आज हम सबके लिए स्ट्रगल कर रहे हैं। एकदम से भागती हुई जिंदगी रुक सी गयी और मुझे तो बड़ा सुकून सा मिला, न जाने कितने दिनों बाद एक बेफिक्र सा लम्हा जिया होगा। मेरे जैसे और भी कितने ही लोग होंगे जो सुकून महसूस कर रहे होंगे, इस तरह के टाइम का इंतज़ार कर रहे होंगे।
हाँ बहुत सी चीजे पीछे छूट रही हैं फिर भी वो चिंता और फ़िक्र नहीं है जो की नार्मल भागमभाग वाली लाइफ में होती है। और अगर आज कोई पूछे की सब नार्मल होने क बाद पहला काम क्या करोगे तो जबाब भी शुन्य ही है। इस lockdown ने शुन्य की importance सीखा दी है।
हाँ बहुत सी चीजे पीछे छूट रही हैं फिर भी वो चिंता और फ़िक्र नहीं है जो की नार्मल भागमभाग वाली लाइफ में होती है। और अगर आज कोई पूछे की सब नार्मल होने क बाद पहला काम क्या करोगे तो जबाब भी शुन्य ही है। इस lockdown ने शुन्य की importance सीखा दी है।